बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में प्रो. फिरोज खान की नियुक्ति विवाद थमने के बाद बुधवार को नए विवाद ने तूल पकड़ लिया। दो दिन पहले संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर शांतिलाल साल्वी पर हुए हमले के विरोध में बुधवार को बीएचयू के प्रोफेसर और छात्रों ने आक्रोश मार्च निकाला। सिंह द्वार पर पोस्टर बैनर के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। दलित उत्पीड़न का आरोप लगाया गया।
हिस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रो. महेश अहिरवार भी इस मार्च में शामिल थे। उन्होंने बताया- कैम्पस के अंदर प्रोफेसर पर अराजक तत्वों द्वारा हमला किया गया। कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों पर हमले होते रहते हैं। डॉ. फिरोज के समर्थन की बात कहकर साल्वी पर हमला किया गया। हम लंका थाने जाकर ज्ञापन देंगे। एसएसपी से कार्रवाई की मांग करेंगे। बीएचयू में जांच के नाम पर महीनों लगता है। 1 महीने से धरना दे रहे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बीएचयू मानो किसी दबाव में काम कर रहा है। 3 दिन बीत गए प्रोफेसर के हमलावरों को चिन्हित तक नहीं किया गया।
सीसीटीवी की भी मदद ली जाएगी
प्रोफेसर साल्वी पर हुए हमले को लेकर पुलिस की टीम सीओ भेलूपुर और लंका इंस्पेक्टर के साथ बीएचयू पहुंचे। सीओ सुधीर जायसवाल ने बताया कि मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। विवेचना की जा रही है। सीसीटीवी की भी जांच की जाएगी।
बीएचयू ने बनाई है जांच समिति
बीएचयू के पीआरओ राजेश सिंह ने बताया कि प्रोफेसर साल्वी को कतिपय लोगों द्वारा अपशब्द कहने और हमला करने का प्रयास करने का मामला संज्ञान में आया था। इस संबंध में शिक्षकों और छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति प्रो. राकेश भटनागर से मिला। कुलपति ने आश्वस्त किया कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन समुचित कार्रवाई करेगा। मामले में जांच समिति बनाकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।