देश के विभिन्न हिस्सों में मालवाहक विमानों के जरिए की जा रही है चिकित्सा सामग्रियों की आपूर्ति

नागरिक उड्डयन मंत्रालय कोविड-19 से बचाव और उसकी जांच से जुड़े आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और संबंधित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में मालवाहक विमानों की उड़ानें संचालित कर रहा है। मंत्रालय  इसके लिए राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर रहा है।  विभिन्न राज्यों की ओर से तत्काल जरूरत की मांग के आधार पर, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी आवश्यक सामग्रियों के लिए आपूर्ति एजेंसियों के साथ  भी समन्वय कर रहे हैं ताकि ऐसी सामग्रियों को उनके गंतव्यों तक आगे पहुँचाया जा सके। एयर  इंडिया और एलायंस एयर की उड़ानें पूरे देश में आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति के लिए संचालित की जा  रही हैं। इन उड़ानों के जरिए माल परिवहन के​ लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अधिकृत एजेंसियां ​​अपने क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करती हैं और सामान की समय पर आपूर्ति और उसकी रसीद प्राप्त करने के लिए समन्वय स्थापित करती हैं।


देश के पूर्वी और उत्तर पूर्वी हिस्सों में आपूर्ति के लिए , एलायंस एयर की एक उड़ान गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और अगरतला के लिए आवश्यक चिकित्सा सामग्रियां लेकर 29 मार्च, 2020 को​ दिल्ली से कोलकाता गई।


देश के उत्तरी क्षेत्र  में आपूर्ति के लिए भारतीय वायुसेना के एक मालवाहक विमान के जरिए आईसीएमआर के वीटीएम किट और अन्य आवश्यक साम​ग्रियां  दिल्ली से चंडीगढ़ और लेह भेजी गईं। पुणे से दिल्ली लाए गए आईसीएमआर किटों कों (मुंबई -दिल्ली-हैदराबाद-चेन्नई-मुंबई और हैदराबाद - कोयम्बटूर) - के मार्गों पर संचालित  उड़ानों के जरिए शिमला, ऋषिकेश, लखनऊ और इम्फाल पहुंचाया जा रहा है। आईसीएमआर की किटें आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी भी पहुंचाई गई हैं। चेन्नई और हैदराबाद के लिए अलग से इनकी खेप भेजी गई है।


पुणे से दिल्ली लाए गए आईसीएमआर किटों कों (मुंबई -दिल्ली-हैदराबाद-चेन्नई-मुंबई और हैदराबाद - कोयम्बटूर)  के मार्गों पर संचालित  उड़ानों के जरिए शिमला, ऋषिकेश, लखनऊ और इम्फाल पहुंचाया जा रहा है। आईसीएमआर की किटें आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और पुद्दुचेरी भी पहुंचाई गई हैं। चेन्नई और हैदराबाद के लिए अलग से इनकी खेप भेजी गई है। कपड़ा मंत्रालय की और से भेजी गई खेप को कोयंबटूर पहुंचाया गया है।


समय पर ढंग से गंतव्यों तक आपूर्ति पहुंचाने के लिए सूचनाओं को साझा करने, प्रश्नों का उत्तर देने और जमीनी स्तर पर किया जा रहा काम चौबीसों घंटे चल रहा है ताकि कोविड-19 से निबटने के प्रयासों को और सशक्त बनाया जा सके और इनके लिए आवश्यक मदद दी जा सके।


 


स्त्रोत - PIB


Comments
Popular posts
प्रोफेसर पर हमले के विरोध में आक्रोश मार्च, दलित उत्पीड़न का आरोप
जल्द ही आ जाएगा का कोरोना का टिका भारतीय वेज्ञानिक बहोत नज़दीक |
श्रम योगी मानधन योजना की राज्य-स्तरीय कार्यशाला
यहां के रामलीला मैदान में शनिवार को कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ ‘भारत बचाओ’ रैली की। इसमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और डॉ. मनमोहन सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रैली में देश की गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दे निशाने पर रहे। रैली में राहुल गांधी काफी तल्ख नजर आए। उन्होंने कहा कि ये देश पीछे नहीं हटता। मुझे कहते हैं कि सही बात बोलने के लिए माफी मांगूं। मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है। मैं सच्चाई के लिए कभी माफी नहीं मांगूंगा। और न कोई कांग्रेस वाला माफी मांगेगा। माफी नरेंद्र मोदी को देश से मांगनी है। उनके असिस्टेंट अमित शाह को माफी मांगनी है। कांग्रेस मानती है कि ब्रिटिश दौर में विनायक दामोदर सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी। शुक्रवार को लोकसभा में राहुल के ‘रेप इन इंडिया’ बयान पर हंगामा हुआ। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई महिला सांसदों ने इस पर राहुल से माफी मांगने को कहा। राहुल ने बयान दिया कि वे माफी नहीं मांगेगे। यह भी कहा कि मोदीजी ने कहा कि मेक इन इंडिया होगा। हमें लगा कि मेक इन इंडिया दिखाई देगा। आज जब हम अखबार खोलते हैं तो हमें रेप इन इंडिया दिखाई देता है। राहुल ने झारखंड के गोड्डा में गुरुवार को ‘रेप इन इंडिया’ वाला बयान दिया था। ‘आज पूरा देश प्याज पकड़े हुए है’ राहुल ने कहा, ‘‘पहले देश की शक्ति और आत्मा इसकी अर्थव्यवस्था थी। है नहीं थी। पूरी दुनिया हमारी तरफ देखकर कहती थी कि हिंदुस्तान में क्या हो रहा है। एक तरफ चीन और दूसरी तरफ इंडिया। यूरोपीय देश भारत और चीन को मिलाकर चिंडिया बोलते थे। आज देखिए, देश प्याज पकड़े हुए हैं। हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था नरेंद्र मोदी ने खुद अकेले खत्म कर दी।’’ ‘‘मोदी 8 बजे रात को टीवी पर आए। अर्थव्यवस्था को ऐसी चोट मारी, कि आज तक ठीक नहीं हुई। कहा कि यह काले धन के खिलाफ लड़ाई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है। माताओं-बहनों, युवाओं की जेब से पैसे निकाले और लाखों-करोड़ों अंबानी-अदाणी के हवाले किए। मनमोहन जी ने कहा था कि जीएसटी को बिना पायलट प्रोजेक्ट के मत लॉन्च करो। मोदीजी ने कहा, मैं करूंगा। आज 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। 9% जीडीपी थी, आज 4.5% पहुंच गई। हमारे तरीके से आज देश की जीडीपी नापी जाए, तो 2.5% जीडीपी है। हिंदुस्तान के सब दुश्मन चाहते थे कि हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था नष्ट हो जाए। ये काम दुश्मनों ने नहीं, प्रधानमंत्री ने किया। ‘मोदी है तो मुमकिन है’ प्रियंका ने कहा कि हर बस स्टॉप, हर अखबार में दिखता है कि ‘मोदी है तो मुमकिन है।’ असलियत यह है कि भाजपा है तो 100 रु किलो प्याज है। भाजपा है तो 45 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी मुमकिन है। भाजपा है तो 4 करोड़ नौकरियां नष्ट होना मुमकिन है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने यह भी कहा, ‘‘न्याय की लड़ाई लड़ने से बड़ी देशभक्ति कोई नहीं है। आज जिस दौर से हमारा देश गुजर रहा है, हर तरफ अन्याय है। गरीबों पर मुसीबतें लादी जाती हैं और बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जाते हैं। ऐसे कानून बनाए जाते हैं, जिससे लाखों लोग बंदी की तरह रखे जाते हैं। आज की लड़ाई में जो नहीं खड़ा होगा, वो कायर कहलाएगा। भारत की रखवाली करना, स्वतंत्रता, स्वाभिमान और स्वाधीनता का हक रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। आप सबकी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए कांग्रेस के मेरे कार्यकर्ता भाइयों-बहनों की है। इस देश को हबचाने के लिए यह भावना लेकर आए हैं। इसके लिए धन्यवाद है।’’ ‘मंत्रियों के पास कोई नीति नहीं’ पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के केवल 6 महीने में ही देश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त कर दी। उनके मंत्री पूरी तरह से तर्कहीन हो चुके हैं। कल वित्त मंत्री ने कहा कि सब ठीक है। हम यानी भारत दुनिया में शीर्ष पर है। सिर्फ एक बात उन्होंने नहीं कही कि अच्छे दिन आने वाले हैं।’’ सोनिया के अध्यक्ष बनने के बाद पहली मेगा रैली सोनिया गांधी के पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला मौका है, जब कांग्रेस ने किसी बड़ी रैली का आयोजन किया। हालांकि, इसका मकसद कांग्रेस पार्टी में टीम राहुल की ताकत का प्रदर्शन करना भी है। पहले यह रैली 30 नवंबर को होने वाली थी, मगर बाद में संसद के शीतकालीन सत्र के मद्देनजर इसका समय 14 दिसंबर तय किया गया।